आज उनसे शायद मुलाकात तो होगी


आज उनसे शायद मुलाकात तो होगी,
फीर से वोही शरारत तो होगी,

वो ही उनका नझरे हटना और हमारा दोडना चलता रहेगा ,
आज फीर से वो ही रुकावट तो होगी,

उसकी याद मे फूल सजाये बर्सो हो गये,
आज वो ही सजावट तो होगी,

वो जुकते नही और हम जुक जाते हे,
वो रुकते नही और हम रुक जाते हे,
पर विश्वास हे “विवेक”,
कोइ तो यहा बनावट होगी…… vivek tank 9724483184

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